अधिकतम उत्पादन क्षमता 74 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
यह किस्म 105-115 दिन में पककर तैयार होती है
इस किस्म को 3 से 4 सिंचाई की आवश्यकता होती है
यह किस्म मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान के लिए उपयोगी मानी गई है.
इस किस्म में तापमान सहने की ग़जब की शमता है